National Girl Child Day 2026: 24 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय बालिका दिवस? जानें इतिहास और महत्व
भारत में हर साल 24 जनवरी को National Girl Child Day (राष्ट्रीय बालिका दिवस) बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस खास दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य देश की बेटियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, समाज में उनके साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करना और उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य व सुरक्षा के समान अवसर देना है।
आज के आधुनिक दौर में भारत की बेटियां खेल, विज्ञान, राजनीति और बिजनेस से लेकर हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। फिर भी समाज में लैंगिक असमानता (Gender Inequality) को जड़ से खत्म करने के लिए इस दिन का विशेष महत्व है।
इस दिन को विशेषकर बच्चियों के अधिकारों, उनके विकास की आवश्यकता, और उनकी सुरक्षा के मामले में संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
राष्ट्रीय बालिका दिवस का इतिहास (History of National Girl Child Day)
राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत साल 2008 में भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women and Child Development) द्वारा की गई थी।

24 जनवरी को ही क्यों चुना गया?
24 जनवरी का दिन भारतीय इतिहास में बेहद खास है। इसी दिन साल 1966 में श्रीमती इंदिरा गांधी ने भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को याद रखने और बेटियों के हौसले को सलाम करने के लिए 24 जनवरी को ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ के रूप में चुना गया।
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