दिल्ली राजधानी में वायु गुणवत्ता 2025, साल के आखिरी दिन पिछले 8 वर्षों में सबसे बेहतर रही।
नई दिल्ली: राजधानी में वायु गुणवत्ता पिछले 8 वर्षों में सबसे बेहतर साल के आखिरी दिन 2025 दिल्लीवासियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता (Air Quality) पिछले 8 वर्षों में सबसे बेहतर दर्ज की गई है। यह दावा दिल्ली के पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने किया है। मंत्री जी के अनुसार, वैज्ञानिक तरीकों से किए गए प्रदूषण के उपायों से नियंत्रण का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है।
राजधानी में वायु गुणवत्ता पिछले 8 वर्षों में सबसे बेहतर। वायु गुणवत्ता में सुधार के अहम आंकड़े दर्ज हुए हैं।
2025 में दिल्ली की हवा में सुधार को केवल बयान नहीं, बल्कि आंकड़े भी साबित करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार:
- PM2.5 का औसत स्तर 2024 के मुकाबले 2025 में कम हुआ है।
- PM10 स्तर में भी गिरावट दर्ज की गई है।
- करीब 200 दिन ऐसे रहे जब AQI 200 से नीचे रहा, जो बीते वर्षों की तुलना में बेहतर स्थिति मानी जाती है।
- वर्ष 2025 में ‘गंभीर’ (Severe) वायु गुणवत्ता वाले दिनों की संख्या काफी कम रही।
ये आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली की हवा धीरे‑धीरे साफ़ होने की दिशा में बढ़ रही है।
राजधानी में वायु गुणवत्ता पिछले 8 वर्षों में सबसे बेहतर।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा का क्या कहना है?
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह सुधार “Science‑led action” यानी वैज्ञानिक आधार पर की गई नीतियों का नतीजा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने केवल अस्थायी कदम नहीं उठाए, बल्कि दीर्घकालिक रणनीति पर काम किया।
उनके अनुसार, यदि इसी तरह प्रयास जारी रहे तो आने वाले वर्षों में दिल्ली की हवा और बेहतर हो सकती है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया।
हवा साफ़ होने के पीछे मुख्य कारण
विशेषज्ञों और सरकारी रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली की हवा में सुधार के पीछे कई कारण रहे:
- वाहनों के उत्सर्जन पर सख़्त निगरानी
- निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियम
- सड़कों की नियमित सफ़ाई और पानी का छिड़काव
- उद्योगों पर प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन
- कचरा जलाने पर सख़्ती
इन सभी उपायों ने मिलकर 2025 में वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने में भूमिका निभाई।
क्या समस्या पूरी तरह खत्म हो गई?
हालांकि 2025 के आंकड़े उत्साहजनक हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सर्दियों के महीनों में मौसम, पराली जलाने और हवाओं की गति कम होने से प्रदूषण बढ़ने की संभावना बनी रहती है।
इसलिए ज़रूरी है कि सरकार के साथ‑साथ आम नागरिक भी पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाएं।
आम लोगों के लिए क्या मायने?
बेहतर हवा का सीधा फायदा दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। सांस संबंधी बीमारियां, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याओं में कमी आ सकती है। साथ ही बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए यह सुधार बेहद अहम है।
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2025 में दिल्ली की वायु गुणवत्ता में आया सुधार राजधानी के लिए एक सकारात्मक संकेत है। बीते गत वर्षों की तुलना में PM2.5 और PM10 जैसे खतरनाक प्रदूषक तत्वों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को साफ हवा में सांस लेने का अवसर मिला। लगभग 200 दिनों तक AQI का 200 से नीचे रहना बताता है कि प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास असर दिखा रहे हैं। ‘गंभीर’ श्रेणी वाले दिनों की संख्या कम होने से खास तौर पर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सुधार बनाए रखने के लिए सरकार और एनसीआर के नागरिकों—दोनों को लगातार सतर्क रहना और बेहतर की लिए प्रयास करने की आयश्यकता है।
निष्कर्ष
साल 2025 में दिल्ली की हवा का 8 साल में सबसे अच्छा होना एक सकारात्मक संकेत है। यह दिखाता है कि सही नीति, वैज्ञानिक सोच और निरंतर प्रयास से बड़े शहरों में भी प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकता है। हालांकि अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है, लेकिन यह शुरुआत उम्मीद जगाती है।
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