सेना दिवस: भारतीय सेना के शौर्य, अनुशासन और सेवा को नमन उन वीर जवानों को सम्मान दे सके, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
भारत एक ऐसा देश है जिसकी पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं और वीरता से होती है। इन्हीं वीरताओं का प्रतीक है भारतीय सेना, जो दिन-रात देश की सीमाओं की रक्षा में तत्पर रहती है। हर साल 15 जनवरी को भारत में सेना दिवस मनाया जाता है, ताकि देश अपने उन वीर जवानों को सम्मान दे सके, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
सेना दिवस भारतीय सेना के शौर्य, अनुशासन और सेवा को नमन। सेना दिवस केवल एक औपचारिक दिन नहीं, बल्कि
👉 त्याग
👉 अनुशासन
👉 और राष्ट्रभक्ति का उत्सव है।
सेना दिवस क्यों मनाया जाता है?
सेना दिवस का इतिहास भारत के सैन्य गौरव से जुड़ा हुआ है। 15 जनवरी 1949 को लेफ्टिनेंट जनरल के. एम. करियप्पा को भारतीय सेना का पहला भारतीय सेनाध्यक्ष (Commander-in-Chief) नियुक्त किया गया था। इससे पहले भारतीय सेना का नेतृत्व ब्रिटिश अधिकारियों के हाथ में था। इस ऐतिहासिक दिन से भारतीय सेना ने
👉 पूर्ण स्वदेशी नेतृत्व
👉 और स्वतंत्र पहचान
प्राप्त की इसी गौरवपूर्ण अवसर की स्मृति में हर वर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है।

हिंदुस्तान के भारतीय सेना का गौरवशाली इतिहास
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1962, 1965 और 1971 के युद्ध
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कारगिल संघर्ष
- करगिल विजय दिवस 2025: भारत माता के वीर सपूतों को समर्पित
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आतंकवाद विरोधी अभियान जैसे अनेक कठिन दौरों में देश की रक्षा की।
1971 का युद्ध भारतीय सेना के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है, जब सेना के साहस से बांग्लादेश का निर्माण संभव हुआ।
और भी अधिक जानकारी भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट
सेना दिवस का महत्व भारतीय सेना के शौर्य, अनुशासन और सेवा को नमन
सेना दिवस का महत्व केवल परेड या समारोह तक सीमित नहीं है। यह दिन देशवासियों को यह याद दिलाता है कि, हमारी शांति और सुरक्षा या अन्य किसी न किसी जवान के बलिदान की वजह से है।
सेना दिवस:
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जवानों के मनोबल को बढ़ाता है
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युवाओं को देश सेवा की प्रेरणा देता है
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नागरिकों और सेना के बीच सम्मान का संबंध मजबूत करता है, कि यह दिन हमें सिखाता है कि
राष्ट्र पहले, स्वयं बाद में।
सेना दिवस पर क्या होता है?
सेना दिवस के अवसर पर:
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सैन्य परेड का आयोजन किया जाता है
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वीर सैनिकों को सम्मान और पुरस्कार दिए जाते हैं
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शौर्य और अनुशासन का प्रदर्शन किया जाता है
नई दिल्ली और विभिन्न सैन्य कमानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जहाँ सेना की शक्ति, तकनीक और एकजुटता को प्रदर्शित किया जाता है।
भारतीय सेना: सेवा और अनुशासन की मिसाल है।
भारतीय सेना केवल युद्ध लड़ने वाली संस्था नहीं है। यह आपदा के समय भी देश के साथ खड़ी रहती है। चाहे:
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बाढ़ हो या भूकंप हो या महामारी हो, भारतीय सेना हर संकट में आम नागरिकों की मदद के लिए आगे आती है।
सेना का जीवन:
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कठोर अनुशासन
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कठिन प्रशिक्षण
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और निरंतर सेवा पर आधारित होता है।
सेना दिवस और नागरिकों की जिम्मेदारी साथ साथ साझा करना चाहिए।
सेना दिवस केवल सेना का नहीं, बल्कि हर भारतीय का दिन है। एक नागरिक के रूप में हमारी जिम्मेदारी है कि:
सेना का सम्मान करें, अफवाहों और नकारात्मक बातों से बचें, जवानों के परिवारों के प्रति संवेदनशील ररहने की आवश्यकता है
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आज के दौड़ में हमें सोशल मीडिया पर सम्मानजनक और सकारात्मक संदेश साझा करना भी सेना दिवस को मनाने का एक सुंदर तरीका है।
दुनिया में भारतीय सेना की पहचान खुद में अलग बनती है। आज की भारतीय सेना:
दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक है। आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण से लैस है,संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारतीय सेना की पहचान अनुशासन, साहस और मानवता से होती है।
निष्कर्ष
सेना दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हम जिस आज़ादी और सुरक्षा में सांस लेते हैं, उसके पीछे किसी न किसी सैनिक का बलिदान की गाथा छिपा हुआ है। सेना दिवस परभारतीय सेना के शौर्य, अनुशासन और सेवा को शत-शत नमन।
Sources / References:
Indian Army Official Website
- Press Information Bureau (PIB), Government of India
- Ministry of Defence, Government of India
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