मिशन शक्ति योजना क्या है? जानें संबल और सामर्थ्य योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाले सभी फायदे। महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार का क्रांतिकारी कदम।
मिशन शक्ति योजना क्या है? संबल और सामर्थ्य योजना के तहत सभी फायदे क्या है ? 21वीं सदी के भारत में महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें स्वावलंबी बनाना देश के समावेशी विकास (Inclusive Growth) के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। इसी सोच को धरातल पर उतारने और ‘महिला-नेतृत्व वाले विकास’ (Women-Led Development) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ‘मिशन शक्ति’ (Mission Shakti) नाम से एक महत्वाकांक्षी एकीकृत कार्यक्रम की शुरुआत की है।
मिशन शक्ति कोई एकल योजना नहीं है, बल्कि यह देश भर में महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए तैयार किया गया एक वृहद ‘अंब्रेला फ्रेमवर्क’ (Umbrella Scheme) है। 15वें वित्त आयोग की अवधि के तहत संचालित यह योजना महिलाओं के पूरे जीवन चक्र में आने वाली विभिन्न सुरक्षात्मक, सामाजिक और आर्थिक बाधाओं का एक ही मंच से समाधान प्रस्तुत करती है।
इस लेख में हम मिशन शक्ति के दो मुख्य स्तंभों – संबल (Sambal) और सामर्थ्य (Samarthya) –उनके अंतर्गत आने वाली योजनाओं, मिलने वाली सुविधाओं, हेल्पलाइन नंबरों और भारत की नारी शक्ति पर इसके दूरगामी प्रभावों की विस्तार से चर्चा करेंगे।
मिशन शक्ति का मुख्य उद्देश्य और विजन
मिशन शक्ति योजना को लागू करने के पीछे केंद्र सरकार के कुछ प्रमुख और दूरगामी लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:
-
हिंसा और उत्पीड़न से सुरक्षा: घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, या कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार की शिकार महिलाओं को तत्काल आपातकालीन सहायता और कानूनी सहारा देना।
-
लैंगिक समानता और कन्या सुरक्षा: समाज में बालिकाओं के प्रति दृष्टिकोण बदलना, भ्रूण हत्या को रोकना और लड़कियों को शिक्षा के समान अवसर देना।
-
आर्थिक आत्मनिर्भरता: कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास, बच्चों के लिए पालना गृह (Crèche) और मातृत्व लाभ सुनिश्चित करके श्रम बल (Workforce) में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना।
-
डिजिटल और संस्थागत एकीकरण: सभी महिला कल्याणकारी योजनाओं को एक ही नेटवर्क के तहत लाकर सेवाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंच (Last-Mile Delivery) आसान बनाना।

मिशन शक्ति की संरचना: संबल और सामर्थ्य
मिशन शक्ति को दो मुख्य उप-योजनाओं में विभाजित करके लागू किया गया है:
┌────────────────────────┐
│ मिशन शक्ति │
│ संबल (Sambal) │ │ सामर्थ्य (Samarthya) │
│ (सुरक्षा व संरक्षण) │ │ (सशक्तिकरण व विकास) │
└──────────┬──────────┘ └──────────┬──────────┘
वन स्टॉप सेंटर (OSC) शक्ति सदन (स्वाधार/उज्ज्वला)
महिला हेल्पलाइन (181) सखी निवास (वर्किंग विमेन)
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पालना (राष्ट्रीय शिशुगृह)
नारी अदालत PMMVY (मातृ वंदना योजना)
└─ संकल्प: HEW (महिला केंद्र)
1. ‘संबल’ (Sambal) उप-योजना: महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षण का सुरक्षा कवच
‘संबल’ उप-योजना विशेष रूप से संकटग्रस्त महिलाओं की सुरक्षा, बचाव, आपातकालीन सहायता और उनके अधिकारों के संरक्षण पर केंद्रित है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित चार प्रमुख घटक काम करते हैं:
(A) वन स्टॉप सेंटर (One Stop Centre – Sakhi Centre)
वन स्टॉप सेंटर (OSC) हिंसा या किसी भी प्रकार के उत्पीड़न से पीड़ित महिलाओं के लिए एक एकीकृत सहायता केंद्र के रूप में कार्य करता है।
-
दी जाने वाली सेवाएं: यहाँ पीड़िता को एक ही छत के नीचे चिकित्सा सहायता, पुलिस सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श, कानूनी सलाह और 5 दिनों तक का अस्थायी सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाता है। (देश के लगभग हर जिले में ‘सखी केंद्र’ की स्थापना की जा चुकी है।)
(B) महिला हेल्पलाइन – 181 (Women Helpline – WHL)
-
24×7 सेवा: 181 एक टोल-फ्री आपातकालीन फोन नंबर है जो देश भर में 24 घंटे काम करता है।
-
एकीकरण: यह नंबर सीधे इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS – 112), पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और वन स्टॉप सेंटरों से जुड़ा हुआ है। संकट में फंसी कोई भी महिला तुरंत इस पर कॉल करके मदद मांग सकती है।
(C) बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (Beti Bachao Beti Padhao – BBBP)
-
उद्देश्य: लिंग आधारित भेदभाव को समाप्त करना, बालिका भ्रूण हत्या को रोकना और लड़कियों के जन्म दर (Sex Ratio at Birth) में सुधार लाना।
-
गतिविधियां: बालिकाओं की स्कूली शिक्षा में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना, उनके ड्रॉप-आउट रेट को कम करना और उनके स्वास्थ्य एवं पोषण पर ध्यान केंद्रित करना।
(D) नारी अदालत (Nari Adalat)
-
नया पहल: यह ‘संबल’ का एक नया और अभिनव घटक है, जो ग्राम पंचायत स्तर पर काम करता है।
-
कार्य: इसमें गांव/समुदाय की प्रतिष्ठित और समझदार महिलाओं (जैसे- न्याय सखी) का एक समूह होता है, जो अदालतों के चक्कर काटे बिना छोटे-मोटे पारिवारिक विवादों, घरेलू कलह और सामाजिक मुद्दों को आपसी सहमति से सुलझाता है।
2. ‘सामर्थ्य’ (Samarthya) उप-योजना: सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की रीढ़
‘सामर्थ्य’ उप-योजना का प्राथमिक लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना, उनका कौशल विकास करना और कार्यस्थल पर उनके अनुकूल वातावरण तैयार करना है। इसके तहत निम्नलिखित प्रमुख योजनाएं संचालित किये गए हैं:
(A) शक्ति सदन (Shakti Sadan)
-
पूर्व में संचालित ‘स्वाधार गृह’ (Swadhar Greh) और ‘उज्ज्वला गृह’ (Ujjwala Scheme) को मिलाकर अब शक्ति सदन का रूप दिया गया है।
-
लाभार्थी: परित्यक्ता, बेघर, तस्करी (Trafficking) से बचाई गई या गंभीर मानसिक/सामाजिक संकट से गुजर रही महिलाएं।
-
सुविधाएं: यहाँ महिलाओं को दीर्घकालिक आश्रय, भोजन, कपड़े, चिकित्सा देखभाल, कानूनी सहायता और आत्मनिर्भर बनने के लिए व्यावसायिक (Vocational) ट्रेनिंग दी जाती है।
(B) सखी निवास – वर्किंग विमेन हॉस्टल (Sakhi Niwas)
-
आवश्यकता: नौकरी या पढ़ाई के सिलसिले में छोटे शहरों से बड़े शहरों की ओर रुख करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास एक बड़ी चुनौती होता है।
-
सुविधा: सखी निवास के तहत कामकाजी महिलाओं और पढ़ाई/प्रशिक्षण प्राप्त कर रही युवतियों के लिए सुरक्षित, किफायती और स्वच्छ हॉस्टल की सुविधा दी जाती है। यहाँ कम उम्र के बच्चों (लड़कियों के लिए 18 वर्ष और लड़कों के लिए 12 वर्ष तक) को भी माताओं के साथ रहने की अनुमति होती है।
(C) पालना – राष्ट्रीय शिशुगृह योजना (Palna – National Creche Scheme)
उद्देश्य: कामकाजी माताओं के बच्चों की उचित देखभाल सुनिश्चित करना।
सुविधाएं: 6 महीने से 6 साल तक के बच्चों के लिए डे-केयर (Crèche) सेंटर चलाए जाते हैं, जहाँ उन्हें सुरक्षित माहौल, शुरुआती शिक्षा, पौष्टिक भोजन और स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी जाती है। इससे माताएं बिना किसी मानसिक चिंता के अपने रोजगार पर ध्यान केंद्रित कर पाती हैं।
(E) संकल्प: महिला सशक्तिकरण केंद्र (HEW – Hub for Empowerment of Women)
जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित ये केंद्र सभी सरकारी योजनाओं (जैसे मुद्रा लोन, स्टैंड-अप इंडिया, कौशल विकास आदि) के बारे में महिलाओं को जागरूक करते हैं और उन्हें आवेदन करने में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
मिशन शक्ति के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
मिशन शक्ति योजना के क्रियान्वयन से भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं:
-
आपातकालीन सहायता की त्वरित पहुंच: 181 हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटरों के समन्वय से संकटग्रस्त महिलाओं को तुरंत सहायता मिल पा रही है।
-
कार्यबल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी: शिशुगृह (पालना) और हॉस्टल (सखी निवास) जैसी सुविधाओं से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की महिलाएं निर्भीक होकर नौकरी व बिजनेस से जुड़ रही हैं।
-
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार: PMMVY योजना से मिलने वाली वित्तीय मदद से गरीब परिवारों की माताओं को गर्भावस्था में उचित आहार और आराम मिल पा रहा है।
-
कानूनी जागरूकता और सामाजिक न्याय: नारी अदालतों के माध्यम से जमीनी स्तर पर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा हो रही है और उन्हें अदालती प्रक्रियाओं के लंबे खर्चों से राहत मिल रही है।
मिशन शक्ति से जुड़ने और सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया
यदि किसी महिला को सुरक्षा, आश्रय, लोन या सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी या मदद चाहिए, तो वे निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग कर सकती हैं:
-
तत्काल सुरक्षा के लिए: अपने फोन से टोल-फ्री नंबर 181 डायल करें।
-
निकटतम केंद्र पर जाएं: अपने जिले के निकटतम वन स्टॉप सेंटर (Sakhi Centre) या जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र (DHEW) से संपर्क करें।
-
आधिकारिक वेबसाइट: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट missionshakti.wcd.gov.in पर जाकर ऑनलाइन जानकारी और आवेदन पोर्टल का उपयोग करें।
और भी पढ़ें: महिलाऐं खुद को बनाएं आत्मनिर्भर बचत योजना 7.5% ब्याज के साथ
- डिजिटल जवाने में ऑनलाइन फ्रॉड की संभावना बढ़ती जा रही है। कैसे बचें?
महिलाओं और बुजुर्गों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के आसान तरीके।
निष्कर्ष (Conclusion)
केंद्र सरकार की ‘मिशन शक्ति’ योजना केवल एक नीतिगत दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह देश की आधी आबादी को सुरक्षित, सम्मानित और स्वावलंबी जीवन प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
संबल के माध्यम से सुरक्षा का घेरा और सामर्थ्य के जरिए प्रगति के रास्ते खोलकर, यह योजना हर महिला को अपने सपनों को पूरा करने का हौसला देती है। यदि देश की प्रत्येक महिला इन योजनाओं के प्रति जागरूक हो जाए और इनका लाभ उठाए, तो भारत को एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।
(अभी अपडेट जारी है , आप बने रहें हमारे साथ )
मिशन शक्ति (Mission Shakti): महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार का क्रांतिकारी कदम सराहनीय है।
कृपया अपनी प्रतिक्रिया साझा करें:
